प्रेम अकर्मक क्रिया है
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
इच्छाएँ
जय गुरुदेव , एक से अनेक होने की इच्छा से उत्पन्न जीवन में इच्छाएँ केवल और केवल सतही हैं। गहरे तल पर जीवन इच्छा रहित है। धन्यवाद
-
जय गुरुदेव , एक से अनेक होने की इच्छा से उत्पन्न जीवन में इच्छाएँ केवल और केवल सतही हैं। गहरे तल पर जीवन इच्छा रहित है। धन्यवाद
-
राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन द्वारा भारत के कुल बज़ट का ७% सीधे पंचायतों को दिए जाने पर कुछ लोगों को आपत्ति है कि पंचायतों में मुखिया सारा ध...
-
दूसरे की गलतियों को क्षोभपूर्ण व्यक्त करना नकारात्मकता है , इस प्रक्रिया में कहने वाले और सुनने वाले दोनों ही व्यथित हो जाते हैं। दूस...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें