प्रेम अकर्मक क्रिया है
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इच्छाएँ
जय गुरुदेव , एक से अनेक होने की इच्छा से उत्पन्न जीवन में इच्छाएँ केवल और केवल सतही हैं। गहरे तल पर जीवन इच्छा रहित है। धन्यवाद
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जय गुरुदेव , एक से अनेक होने की इच्छा से उत्पन्न जीवन में इच्छाएँ केवल और केवल सतही हैं। गहरे तल पर जीवन इच्छा रहित है। धन्यवाद
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राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन द्वारा भारत के कुल बज़ट का ७% सीधे पंचायतों को दिए जाने पर कुछ लोगों को आपत्ति है कि पंचायतों में मुखिया सारा ध...
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भ्रष्टाचार होता रहेगा मकसद सिर्फ पैसा. कारण पैसा वर्तमान व्यवस्था की आत्मा है. साथ ही साथ भ्रष्टाचार की जड़ . भ्रष्टाचार पैसे के लिये हो र...
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